मेरठ में शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान दिवस पर सैकड़ों मजदूर-किसानों ने दी श्रद्धांजलि
मेरठ। शहीद शिरोमणि चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान दिवस के अवसर पर हिन्द मजदूर किसान समिति के सैकड़ों मजदूर और किसान चौधरी चरण सिंह पार्क, कमिश्नरी चौराहा, मेरठ में एकत्रित हुए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने क्रांतिकारी आज़ाद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिगुरु श्री चन्द्रमोहन जी के संदेश को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश जी ने उपस्थित जनसमूह के बीच पढ़कर सुनाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी हमारे लिए माता-पिता से भी बढ़कर हैं, क्योंकि देश की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए उन्होंने असहनीय कष्ट और यातनाएं झेली हैं। ऐसे महान बलिदानियों के प्रति जागरूक रहना और उनके सपनों को साकार करने के लिए कार्य करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
वक्ताओं ने कहा कि क्रांतिकारी जाति व्यवस्था और नशे के कट्टर विरोधी थे। उनका सपना एक ऐसा भारत था जो जाति-रहित, नशा-मुक्त और पूर्णतः स्वतंत्र हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध और निःशुल्क होने चाहिए, क्योंकि यह प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यदि आज भी समाज में जाति व्यवस्था और नशे जैसी बुराइयां मौजूद हैं, तो यह शहीदों के बलिदान का अपमान है। इसलिए सबसे पहले स्वयं को जाति और नशा-मुक्त बनाना होगा और समाज में जागरूकता फैलानी होगी।
कार्यक्रम के अंत में समिति पदाधिकारियों ने कहा कि शहीद क्रांतिकारियों का सपना अभी अधूरा है। इसे पूरा करने के लिए समिति के लाखों मजदूर और किसान देश को जाति-रहित, एकजुट और नशा-मुक्त बनाने तथा शिक्षा-स्वास्थ्य को समान और निःशुल्क कराने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूरों, किसानों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।