प्रेस विज्ञप्ति
मेडिकल कॉलेज मेरठ में पित्ताशय का कैंसर का सफल इलाज किये जाने के संबंध में
लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ के शल्य चिकित्सा विभाग ने मरीज़ पूजा उम्र 39 वर्ष निवासी कंकेरखेड़ा मेरठ रोगी में पित्ताशय का कैंसर के लिए जटिल रेडिकल कोलेसिस्टेक्टोमी सफलतापूर्वक संपन्न की गई!
मरीज़ पूजा उपरोक्त बीमारी से काफ़ी समय से पीड़ित थी,उन्होंने प्राइवेट चिकित्सालयों में काफ़ी इलाज कराया परंतु कोई लाभ नहीं मिला। तत्पश्चात् उन्होंने मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभाग में डॉ संजीव कुमार से ओ०पी०डी० में संपर्क किया। चिकित्सको ने संबंधित जाँचे कराये जाने के बाद मरीज़ को चिकित्सालय में भर्ती किया।
जिसके बाद उनकी सर्जरी की गई।
यह उपलब्धि प्रोफेसर डॉक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में सहायक आचार्य डॉ. शुभम यादव, सीनियर रेज़िडेंट डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. विवेक, डॉ. अंकित, डॉ. फुरकान, डॉ. भूमिका तथा एनेस्थीसिया टीम के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई ।
मुख्य उपलब्धि
• जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न; रोगी की स्थिर स्थिति में डिस्चार्ज और रोगमुक्ति की पुष्टि की गई ।
• बहुविषयक दल-आधारित देखभाल के साथ समयबद्ध ऑपरेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव प्रबंधन किया गया
डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि पित्ताशय कैंसर (GBC) एक आक्रामक पित्त मार्ग की घातक बीमारी है जिसे “पित्त प्रणाली का मूक हत्यारा” कहा जाता है
जोखिम कारक:
- पित्त पथरी/कोलेलिथियसिस (70-90% केस)
- टाइफाइड या हेलिकोबैक्टर बिलिस संक्रमण से पुरानी सूजन
- केंद्रीय मोटापा (BMI >30)
- उन्नत आयु (आमतौर पर 56-70 वर्ष)
- महिलाओं में अधिक प्रसार (1.35:1 अनुपात)
प्रक्रिया के बारे में
* एन ब्लॉक पित्ताशय रिसेक्शन - पित्ताशय (gallbladder) और उससे जुड़े ऊतकों (जैसे लिवर का हिस्सा, पित्त नली और लिम्फ नोड्स) को एक ही अखंड टुकड़े में निकालना
- हेपेटिक रिसेक्शन (सेगमेंट 4b और 5 - पित्ताशय फोसा क्षेत्र 2-3 सेमी मार्जिन के साथ)
- क्षेत्रीय लिम्फैडेनेक्टॉमी (HDL ग्रुप - सभी हेपेटोड्यूओडेनल लिगामेंट नोड्स)
- R0 रिसेक्शन की प्राप्ति (नकारात्मक मार्जिन)
यह उच्च-कौशल और दीर्घ अवधि वाली शल्य प्रक्रिया मानी जाती है । रोगी की स्थिति, ट्यूमर की प्रकृति और शल्य-विधि के अनुसार ऑपरेशन की अवधि कई घंटों तक रह सकती है ।
मरीज़ के परिवारगण ने मेडिकल कॉलेज मेरठ के विशेषज्ञ चिकित्सकों को धन्यवाद प्रेषित किया।
प्राइवेट चिकित्सालय में उपरोक्त सर्जरी हेतु लगभग एक लाख से अधिक की धनराशि का खर्चा आता है, किंतु मेडिकल कॉलेज मेरठ में मात्र २००० रुपए के सरकारी खर्चे पर सर्जरी की गई।
प्राचार्य डॉ आर सी गुप्ता में शल्य चिकित्सा विभाग को उपरोक्त उपलब्धि हेतु शुभकामनाएँ दी।