ईरान में लापता अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलटों की तलाश में अमेरिकी वायु सेना ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इस मिशन के तहत विशेष कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू यूनिट्स को तैनात किया गया है, जो हर संभावित इलाके में खोज अभियान चला रही हैं।
अमेरिकी वायु सेना के एक पूर्व पैरा-रेस्क्यू जंपर्स कमांडर ने CBS News से बातचीत में बताया कि इस तरह के ऑपरेशन में आमतौर पर ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके जरिए रेस्क्यू टीम प्रभावित इलाके तक पहुंचती है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई इलाका हेलिकॉप्टर की पहुंच से बाहर होता है, तो AC-130 गनशिप के माध्यम से जवानों को पैराशूट से नीचे उतारा जाता है। इसके बाद ये टीम जमीन पर पैदल ही सर्च ऑपरेशन को आगे बढ़ाती है।
रेस्क्यू टीम का मुख्य उद्देश्य लापता पायलटों से संपर्क स्थापित करना, जरूरत पड़ने पर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा देना, दुश्मन से बचाव या मुकाबला करना और अंततः सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना होता है।
पूर्व कमांडर के मुताबिक, ऐसे मिशन बेहद जोखिम भरे होते हैं। उन्होंने इसे “डरावना और बेहद खतरनाक” बताते हुए कहा कि पैरा-रेस्क्यू जंपर्स को “एयर फोर्स का स्विस आर्मी नाइफ” कहा जाता है, क्योंकि वे हर तरह की चुनौती का सामना करने में सक्षम होते हैं।