कानपुर: कानपुर में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है और शुरुआती जांच में एक बड़े संगठित नेटवर्क के संकेत मिल रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शहर के तीन अस्पतालों में करीब 40 से 50 किडनी ट्रांसप्लांट किए गए, लेकिन इनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मेंटेन नहीं किया गया। यह मामला स्वास्थ्य नियमों की भारी अनदेखी और अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि डोनर आयुष नामक युवक से 9 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन उसे सिर्फ 3.5 लाख रुपये ही दिए गए। इस खुलासे के बाद पुलिस मानव तस्करी और अवैध अंग व्यापार के एंगल से भी जांच कर रही है।
इस पूरे मामले में मेरठ कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि अल्फा हॉस्पिटल से जुड़े कुछ डॉक्टर जांच के घेरे में हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल संदिग्ध अस्पतालों और डॉक्टरों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।