आम आदमी पार्टी (AAP) में एक अहम संगठनात्मक बदलाव के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी राघव चड्ढा से लेकर अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी है।
इस फैसले के बाद शुक्रवार को राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर नाराज़गी जाहिर की और कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
"मुझे खामोश करवाया गया है, हारा नहीं हूँ।"
राघव चड्ढा ने दावा किया कि जब भी उन्हें संसद में बोलने का मौका मिलता है, वे आम जनता के मुद्दे उठाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या जनता की समस्याओं को उठाना कोई अपराध है?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि उनके बोलने पर रोक लगाई जाए। चड्ढा ने कहा,
"मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा? मैंने जो मुद्दे उठाए, उससे आम आदमी का फायदा हुआ है।"
हालांकि, इस पूरे विवाद पर आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वहीं, नए डिप्टी लीडर अशोक कुमार मित्तल ने इस बदलाव को सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि पार्टी में समय-समय पर नेतृत्व में बदलाव होता रहता है।
मित्तल ने कहा,
"हमारी पार्टी लोकतांत्रिक है और सभी नेताओं को मौका देने और उनकी प्रतिभा को विकसित करने के लिए ऐसे फैसले लिए जाते हैं।"
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में पार्टी के अंदरूनी हालात पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।